विदिशा जिले के गंजबासौदा तहसील के पास स्थित देवपुर का विश्वनाथ मंदिर भारतीय स्थापत्य कला और इतिहास का एक अनमोल रत्न है। यह स्थान न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ देवपुर के विश्वनाथ मंदिर का संक्षिप्त इतिहास और उसकी विशेषताएं दी गई हैं: देवपुर के विश्वनाथ मंदिर का इतिहास १. निर्माण काल और राजवंश देवपुर का यह प्राचीन शिव मंदिर मुख्य रूप से १०वीं से ११वीं शताब्दी (परमार काल) के दौरान निर्मित माना जाता है। विदिशा और उसके आसपास का क्षेत्र उस समय परमार राजाओं के प्रभाव में था, जो कला और भव्य मंदिरों के संरक्षक थे। २. स्थापत्य शैली (Architectural Style) यह मंदिर भूमिज शैली (Bhumija style) में बना हुआ है, जो परमार शासकों की पसंदीदा स्थापत्य कला थी। संरचना: मंदिर का शिखर बहुत ही विस्तृत और कलात्मक है। इसमें छोटे-छोटे शिखरों की श्रृंखलाएं बनी हुई हैं जो मुख्य शिखर की ओर बढ़ती हैं। नक्काशी: मंदिर की बाहरी दीवारों पर देवी-देवताओं, अप्सराओं और विभिन्न धार्मिक दृश्यों की सूक्ष्म नक्काशी की गई है। ३. धार्मिक महत्व यह मंदिर भगव...